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श्रीनिवास जगन्नाथ श्रीहरे भक्तवत्सल । लक्ष्मीपते नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागरात् ॥१॥ राधारमण गोविंद भक्तकामप्रपूरक । नारायण नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागरात् ॥२॥ दामोदर महोदार सर्वापत्तीनिवारण । ऋषिकेश नमस्तुभ्यं त्राहि मां भवसागरात् ॥३॥ गरुडध्वज वैकुंठनिवासिन्केशवाच्युत । जनार्दन
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हर महादेव: सत्य, सनातन, सुंदर” नाम से जानी जाने वाली यह आरती महादेव भगवान की पूजा-अर्चना में...
॥ दोहा ॥ बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार । ध्यान धरत ही होत नर दुःख सागर से...
आरती युगलकिशोर की, श्री राधा कृष्ण जी की जय! ये आरती उन भगवान कृष्ण और उनकी सदैव...
श्री कृष्ण के अनुयायियों के लिए आरती कुंज बिहारी की बहुत ही श्रेष्ठ मानी जाती है। इस...
कुष्मांडा देवी हिंदू धर्म में मां दुर्गा के रूप में पूजी जाती हैं। इनकी पूजा नवरात्रि के...
श्री चिंतपूर्णी देवी जी की आरती के द्वारा भक्त उन्हें समर्पित अपनी पूजा-अराधना का प्रदर्शन करते हैं।...
श्री शांतादुर्गेची जी की आरती श्री दुर्गा माता के नौ रूपों में से एक रूप है। इस...