Mantra
Mantras are the unique frequencies which are perpetually present in nature,the entire atmosphere is full of sound vibrations. The vibrations effect everything in nature including the physical and mental structure…
Mantras are the unique frequencies which are perpetually present in nature,the entire atmosphere is full of sound vibrations. The vibrations effect everything in nature including the physical and mental structure…
ॐ शूलपाणये नमः ॥ ॐ खट्वांगिने नमः ॥ ॐ विष्णुवल्लभाय नमः ॥ ॐ शिपिविष्टाय नमः ॥ ॐ अंबिकानाथाय नमः ॥ ॐ श्रीकंठाय नमः ॥ ॐ भक्तवत्सलाय नमः ॥ ॐ भवाय…
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम् । दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् ॥२॥ सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम् । रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि ॥३॥ श्रीहनुमन्नमस्कारः - गोष्पदी-कृत-वारीशं मशकी-कृत-राक्षसम् । रामायण-महामाला-रत्नं वन्देऽनिलात्मजम् ॥ १॥ अञ्जना-नन्दनं-वीरं जानकी-शोक-नाशनम् । कपीशमक्ष-हन्तारं वन्दे लङ्का-भयङ्करम् ॥ २॥ महा-व्याकरणाम्भोधि-मन्थ-मानस-मन्दरम्…
मनो-बुद्धि-अहंकार चित्तादि नाहं न च श्रोत्र-जिह्वे न च घ्राण-नेत्रे । न च व्योम-भूमी न तेजो न वायु चिदानंद-रूपं शिवो-हं शिवो-हं ॥ १॥ न च प्राण-संज्ञो न वै पञ्च-वायु: न वा सप्त-धातुर्न…
किसी भी प्रकार के कार्य प्रारंभ करने के पूर्व श्री गणेश जी का स्मरण इस मंत्र के साथ अवश्य करना चाहिए, आपके शुभकार्य निश्चित ही सिद्ध होंगे। वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि…
शिव तांडव स्तोत्र भगवान शिव के लिए एक प्रसिद्ध स्तोत्र है। इस स्तोत्र को रविगीता द्वारा लिखा गया था और इसमें भगवान शिव की महिमा, शक्ति और तांडव नृत्य की…
शिव भो शंम्भो शिव शम्भो स्वयंभो भो शम्भो शिव शम्भो स्वयंभो गङ्गाधर शंकर करुणाकर मामव भवसागर तारक निर्गुण परब्रह्म स्वरुप गमगम भूत प्रपञ्चा रहित निज गुहानिहित नितान्त अनन्त आनन्द अतिशय…
ॐ श्रीगणेशाय नमः । ॐ नमो नारायणाय । अङ्गन्यासः ॐ ॐ नमः पादयोः । ॐ नं नमः जानुनोः । ॐ मों नमः ऊर्वोः । ॐ नां नमः उदरे । ॐ…
सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्र हिंदी में एक प्रसिद्ध स्तोत्र है जो देवी दुर्गा को समर्पित है। इस स्तोत्र में सप्तश्लोक (सात श्लोक) हैं जो दुर्गा की महिमा, शक्ति और आशीर्वाद को…
ईशगिरीश नरेश परेश महेश बिलेशय भूषण भो। साम्ब सदाशिव शम्भो शङ्कर शरणं मे तव चरणयुगम्॥ उमया दिव्य सुमङ्गल विग्रह यालिङ्गित वामाङ्ग विभो। साम्ब सदाशिव शम्भो शङ्कर शरणं मे तव चरणयुगम्॥…